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Tuesday, June 1, 2010

मानवाधिकारवादियों कसाब की इच्छा पूरी करो..........!

मुंबई का तत्कालीन नाबालिक आतंकवादी (जैसे उसने कोर्ट में कहा) अकमल कसाब ने यहाँ की मेहमान नवाजी से खुश होकर एक इच्छा और जाहिर की है. चार मामलों में आजन्म कारावास और ५ मामलों में सजाये मौत वाले कसाब की फांसी कब तय होगी यह कहना मुस्किल है. क्योंकि लम्बी चलने वाली प्रक्रिया में यह तो शुरुवात है, इसे कानून के जानकर जानते हैं. जब अफजल गुरु की दया याचिका ४ साल से धुल खा रही है उसी प्रक्रिया में तो कसाब को गुजरना है. उसकी इच्छा है कि वह निकाह करना चाहता है। इस मामले में उसे पाकिस्तान से लड़की ना मिले तो हिन्दुस्तान की लड़की भी चलेगी। ये कसाब का बड़प्पन ही है। उसके इस दर्द से हमारे मानवतावादी लोग अच्छे से वाकिफ़ होंगे। अगर कोई लड़की तैयार न हो तो ऐसी स्थिति मानवतावादियों को अपनी लड़की दे्ना चाहिए, यही मानवता है।
खुंखार आतंकवादी के मन में प्रेम के अंकुर का फ़ूटना उसकी बदलती मानसिक स्थिति का परिचायक है। ऐसे में मानवतावादी बिरादरि्यों की एक विजय कहा जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है। हम लोग भी दरि्यादिल हैं ऐसे में कसाब के साथ कोई नाइन्साफ़ी नही हो्ना चाहिए, उसकी कोई इच्छा अधुरी नहीं रहना चाहिए, बिरयानी शोरबा खा-खाकर वह बोर हो गया है, ऐसे में जीवन साथी एवं परिवार का ख्याल आना कोई बड़ी बात नही है। अकमल साहेब आप इच्छा भर जाहिर करते रहें, हमारे यहाँ  ऐसे लोगों की बहुत बड़ी फ़ौज उपलब्ध है, जो आपकी हर इच्छा को सर आँखों पर रखने के लिए तैयार है। हम तो उस दिन का इंतजार कर रहे  हैं जब आप अपने बहुत से नन्हे-मुन्नों के साथ खेलते नजर आएं और उन्हे असलहे चलाने की ट्रेनिंग देते दिखें। यहां की कानूनी प्रक्रिया तो वो ग्रीन प्लाई है जो जिन्दगी भर चलती रहे।